Articles in Category Festivals

हरियाली तीज कथा, पूजा विधि और राशि अनुसार करें पूजन

हरियाली तृतीया हरियाली तीज अपने नाम अनुसार ही सावन के सबसे सुंदर परिदृष्य के रुप में दिखाई देती है. हरियाली तीज का त्यौहार श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाया जाता है. यह त्यौहार सौभाग्य

भड़ली (भढ़ली) नवमी अबूझ समय जब हर कार्य होता है मंगलकारी

आषाढ माह की शुक्ल नवमी भड़ली नमवी. कंदर्प नवमी ओर गुप्त नवमी के रुप में मनाई जाती है. भड़ली नवमी का समय भगवान विष्णु, भगवान शिव देवी भगवती के पूजन का विशेष समय होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस

चातुर्मास : क्यों रुक जाते हैं मांगलिक कार्य ?

चातुर्मास में रुक जाते हैं मांगलिक कार्य और पूजा पाठ को करना क्यों होता है शुभ हिन्दू पंचांग के अनुसार देवशयनी एकादशी आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि  चातुर्मास का आरंभ होता है. इस दिन

गुप्त नवरात्रि पर महाविद्या को लगाएं विशेष भोग मिलेगी हर कार्य में सफलता

गुप्त नवरात्रि के दिन दस महाविद्याओं का पूजन किए जाने का विधान रहा है. गुप्त नवरात्रि का पर्व गृहस्थ से अधिक तंत्र, साधना कर्म एवं योग क्रियाओं के लिए उपयुक्त समय माना जाता है. गुप्त नवरात्रि हेतु

दक्षिणायन का आरंभ योग साधना के लिए विशेष समय

हिंदू पंचांग अनुसार उत्तरायण एवं दक्षिणायन का विशेष महत्व रहा है. दक्षिणायन वह समय है जब सूर्य ग्रह उत्तरी गोलार्ध से पृथ्वी के आकाश में दक्षिण गोलार्ध की ओर गति करना शुरू करता है. किसी भी प्रकार की

इंदिरा एकादशी 2022, इंदिरा एकादशी व्रत कब और क्यों किया जाता है

आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस वर्ष में इंदिरा एकादशी का व्रत 21 सितंबर 2022 को बुधवार के दिन संपन्न होगा. इंदिरा एकादशी के दिन भगवान श्री विष्णु का

महेश्वर व्रत 2022 : जानें क्यों किया जाता है महेश्वर व्रत

फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को महेश्वर व्रत करने का विधान है. इस वर्ष महेश्वर व्रत 17 मार्च 2022 को बृहस्पतिवार के दिन किया जाएगा. महेश्वर भगवान शिव का ही एक अन्य नाम है. इस दिन भगवान शिव

दुर्गा पूजा, दुर्गा की शक्ति का आहवान

हिन्दुओं के प्रसिद्ध व्रत और त्यौहार में एक है दुर्गा पूजा का त्यौहार. दुर्गा पूजा का त्यौहार संपूर्ण भारत में श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया जाता है. दुर्गा पूजा एक ऎसी शक्ति कि अराधना और साधना का

बुधाष्टमी व्रत, जानें बुधाष्टमी पूजा विधि और कथा

भारतवर्ष में प्रत्येक दिन किसी न किसी महत्व से जुड़ा होता है. यहां मौजूद तिथि, नक्षत्र और दिनों का मेल होने पर कोई उत्सव, व्रत-त्यौहार इत्यादि संपन्न होते हैं. इन सभी का मेल एक उत्साह ओर विश्वास के

कोकिला व्रत 2022, जाने कोकिला व्रत की कथा और इसकी पूजा विधि

व्रत और त्यौहार की श्रेणी में प्रत्येक दिन और समय किसी न किसी तिथि नक्षत्र योग इत्यादि के कारण अपनी महत्ता रखता है. इसी के मध्य में आषाढ़ मास की पूर्णिमा के दिन कोकिला व्रत भी मनाया जाता है. अषाढ़

नवचंडी यज्ञ - पूजा कब और क्यों की जाती है

नवचंडी शक्ति का ही एक अंग है. देवी के नव रुपों का स्वरुप है. नव चंडी देवी की शक्ति और उसका पूजन किसी भी भक्त को साधना की परकाष्ठा तक पहुंचा देने में अत्यंत ही सहायक बनता है. नवचण्डी का पूजन एक यज्ञ

रंग पंचमी 2022, कब और क्यों मनाई जाती है रंग पंचमी जाने विस्तार से

रंग पंचमी का उत्सव चैत्र माह के कृष्ण पंचमी के दिन मनाया जाता है. इस पर्व के उपलक्ष पर देशभर में कई तरह के धार्मिक और रंगारंग कार्यक्रम संपन्न होते हैं. रंगपंचमी का पर्व बड़ी धूम-धाम के साथ मनाया

होलाष्टक 2022 - आज से होलाष्टक शुरू, मांगलिक कार्यों पर लगेगी रोक

फाल्गुन माह के शुक्ल अष्टमी से फाल्गुन माह की पूर्णिमा तक होलाष्टक का समय माना जाता है, जिसमें शुभ कार्य वर्जित रहते हैं. होला अष्टक अर्थात होली से पहले के वो आठ दिन जिस समय पर सभी शुभ एवं मांगलिक

माध्वाचार्य जयंती, द्वैतवाद सिद्धांत के विचारक और प्रचारक

माध्वाचार्य जी का समय काल 1199-1317 लगभग के आस पास का बताया गया है. उनका जन्म दक्षिण भारत में हुआ था. माध्वाचार्य एक महान दार्शनिक एवं धर्मप्रवर्तक थे. उन्होने द्वैतमत को आधार प्रदान किया.

पौष पूर्णिमा 2023, पौष पूर्णिमा में जानें स्नान, दान का महत्व

पौष मास की पूर्णिमा को "पौष पूर्णिमा" का पर्व मनाया जाता है. पौष मास की पूर्णिमा को हिंदू पंचांग अनुसार बहुत ही शुभ माना गया है. इस पूर्णिमा के दिन श्री विष्णु पूजन होता है. भगवान सत्यनारायण कथा का

भीष्म द्वादशी 2023, जाने पूजा मुहूर्त और कथा

भीष्म द्वादशी का पर्व माघ माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को किया जाता है. यह व्रत भीष्म पितामह के निमित्त किया जाता है. इस दिन महाभारत की कथा के भीष्म पर्व का पठन किया जाता है, साथ ही भगवान श्री कृष्ण

श्री (सरस्वती) पंचमी 2023, हर परीक्षा में होंगे सफल

माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन श्री पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है. इस पर्व को हर्ष और उत्साह के साथ मनाया जाता है. यह दिन भिन्न भिन्न रुपों में अलग अलग स्थानों पर मनाते हुए देखा जा सकता है.

वरद कुंद चतुर्थी 2023

माघ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को "वरद कुंद चतुर्थी" के रुप में मनाया जाता है. वैसे यह चतुर्थी अन्य नामों से भी जानी जाती है. जिसमें इसे तिल, कुंद, विनायक आदि नाम भी दिए गए हैं. इस दिन भगवान

शाकंभरी जयंती 2023 - जाने क्यों लिया देवी ने शाकम्भरी अवतार

पौष माह की पूर्णिमा को शाकम्भरी जयंती मनाई जाती है. शक्ति के अनेक अवतारों में से एक अवतार शाकंभरी माता का भी है. देवी दुर्गा के भिन्न-भिन्न अवतारों में से एक शांकंभरी अवतार सृष्टि के कल्याण और सृजन

रामदास नवमी : समर्थ रामदास जी का जीवन चरित्र

रामदास जी का संत परंपरा में एक विशेष स्थान रहा है. इनके द्वारा की गई रचनाओं और ज्ञान को पाकर लोगों का मार्गदर्शन हो पाया है. आज भी उनकी संत रुपी वाणी के वचनों को पढ़ कर और सुन कर लोग प्रकाशित होते