
जाने नवरात्रों का महत्व ?
Importance of Navratri
वर्ष 2012 के शारदीय नवरात्रे 16 अक्टूबर, आश्चिन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारम्भ
होगें. इस दिन स्वाती नक्ष, विष्कुम्भ योग होगा. प्रतिपदा तिथि के दिन शारदिय
नवरात्रों का पहला नवरात्रा होगा.
Free Vedic astrology
Vedic Horoscope
Daily Astrology
Compatibility
Yearly Horoscope
Lal-Kitab Astrology
Numerology
Hindu / Indian Names
नवरात्रे में किस दिन माता के किस रुप की पूजा करें.
Worshiping Different Avatars(incarnation) of Mata on Navratri
भारत त्यौहारों का देश है. हमारे यहां व्रत - उपवासों की अनन्त महिमा कही गई है. व्रत
-उपवासों की श्रेणी में शारदीय नवरात्रे उपवास विशेष महत्व रखते है.
माता को लगाये जाने वाले भोग
Prasads Offered to Mata
नवरात्रे पर्व नौ दिनों तक चलता है. इन नौ दिनों में तीन देवियों, लक्ष्मी और माता
के नौ स्वरुपों की पूजा की जाती है. नवरात्रे के पहले तीन दिन पार्वती के तीन स्वरुपों
अगले तीण दिन लक्ष्मी माता के स्वरुपों और
नवरात्रि की प्रचलित कथाएं
Popular Stories about Navratri
दशहरा पर्व भारत के दक्षिण राज्यों में एक अलग तरीके से मनाया जाता है. दशहरे के मौके
पर दक्षिण भारत के प्रत्येक घर में गुडियां और खिलौने सजाये जाते है. प्राचीन काल में
इस परम्परा का प्रारम्भ राजघरानों के समय से हो गया था.
नवरात्रों में माता की पूजा कैसे करें, नवरात्रों के
समापन की विधि
Method of Worshiping Mata and Concluding Navratri
सभी उपवासों में एकाद्शी व्रत श्रेष्ठतम कहा गया है. एकाद्शी व्रत की महिमा कुछ इस
प्रकार की है, जैसे सितारों से झिलमिलाती रात में पूर्णिमा के चांद की होती है.
नवरात्रारम्भ 2012
Navratri Begins - 2012
आश्चिन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक यह व्रत किया जाता है. प्रतिपदा तिथ के दिन
प्रात: स्नानादि करके संकल्प किया जाता है. वर्ष 2012 में यह व्रत 16 अक्टूबर से शुरु
होकर 23 अक्तूबर तक रहेगे़.

199.($4.5)















