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Dhanteras Pooja Muhurat - धन तेरस 03 नवम्बर 2010 शुभ मुहूर्त


Dhanteras Puja : धन तेरस, बुधवार, कार्तिक कृ्ष्ण पक्ष 03 नवम्बर 2010


Dhan teras Pooja 2010
धन तेरस के दिन धनवंतरी नामक देवता अम्रत कलश के साथ सागर मंथन से उत्पन्न हुए थे. देव धनवंतरी धन, स्वास्थय व आयु के देवता है. इन्हें देवों के वैध व चिकित्सक के रुप में भी जाना जाता है. यही कारण है कि धन तेरस का शुभ दिन चिकित्सकों के लिये विशेष महत्व रखता है.

धन तेरस के दिन चांदी खरीदना विशेष शुभ रहता है. धन तेरस के देवता को चन्दमा के समान माना गया है. इसलिये इनकी पूजा करने से मानसिक शान्ति, मन में संतोष भाव व स्वभाव में मृ्दुता का भाव आता है. जिन्हें अधिक से अधिक धन एकत्र करने की चाह होती है. उन्हें धनवंतरी देव की प्रतिदिन आराधना करनी चाहिए.

धनतेरस में पूजा के लाभ - Dhanteras Puja
धनतेरस पर पूजा करने से व्यक्ति में संतोष, संतुष्ठी, स्वास्थय, सुख व धन कि प्राप्ति होती है. जिन व्यक्तियों के स्वास्थय में कमी तथा सेहत में खराबी की संभावनाएं बनी रहती है उन्हें विशेष रुप से इस शुभ दिन में पूजा आराधना करनी चाहिए.

धनतेरस में खरीदारी शुभ
लक्ष्मी जी व गणेश जी की चांदी की प्रतिमाओं को इस दिन घर लाना, घर- कार्यालय,. व्यापारिक संस्थाओं में धन, सफलता व उन्नति को बढाता है.

इस दिन भगवान धनवन्तरी समुद्र से कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिये इस दिन खास तौर से बर्तनों की खरीदारी की जाती है. इस दिन बर्तन, चांदी खरीदने से इनमें 13 गुणा वृ्द्धि होने की संभावना होती है. इसके साथ ही इस दिन सूखे धनिया के बीज खरीद कर घर में रखना भी परिवार की धन संपदा में वृ्द्धि करता है. दीपावली के दिन इन बीजों को बाग/ खेतों में लागाया जाता है ये बीज व्यक्ति की उन्नति व धन वृ्द्धि के प्रतीक होते है.

धन तेरस पूजा मुहूर्त - Dhanteras Puja Muhurat


1. प्रदोष काल - Dhanteras Pradosh Kal
सूर्यास्त के बाद के 2 घण्टे 24 की अवधि को प्रदोषकाल के नाम से जाना जाता है. प्रदोषकाल में दीपदान व लक्ष्मी पूजन करना शुभ रहता है.

दिल्ली में 03 नवम्बर 2010 सूर्यास्त समय सायं 18:38 से 21.:02 तक रहेगा. इस समया अवधि में स्थिर लग्न ( वृ्षभ राशि) भी मुहुर्त समय में होने के कारण घर-परिवार में स्थायी लक्ष्मी की प्राप्ति होती है.

2. चौघाडिया मुहूर्त Dhanteras Chaughadia Muhurat


  • 03 नवम्बर 2010 , बुधवार

  • लाभ मुहूर्त (सूर्योदय से आरम्भ):- प्रातकाल 06:47 से 08:11 तक सुबह

  • अमृ्त काल मुहूर्त :- 08:12 से 09:35 तक सुबह

  • शुभ काल :- 11.00 से 12:23 तक दोपहर

  • चल काल : 03:11 से 04:35 तक

  • लाभ काल 04:36 से 05:59 तक


उपरोक्त में लाभ समय में पूजन करना लाभों में वृ्द्धि करता है. शुभ काल मुहूर्त की शुभता से धन, स्वास्थय व आयु में शुभता आती है. सबसे अधिक शुभ अमृ्त काल में पूजा करने का होता है.

सांय काल में शुभ महूर्त
07:35 से 12:23 तक का समय धन तेरस की पूजा के लिये विशेष शुभ रहेगा.
Article Categories: Festivals Muhurat


Comment(s) on this article


  1. Nilesh trivedi said on Oct 25, 2010 12:24 AM
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  4. surendra saini said on Nov 03, 2010 06:56 AM
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  5. RAMESH KAPADIA said on Nov 03, 2010 08:17 AM
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