सूर्य को सभी बारह राशियों से गुजरने में एक वर्ष अर्थात लगभग 365 दिन का समय लगता है. अंक विद्या में सूर्य की स्थिति के आधार पर हर माह को एक अंक प्रदान किया गया है. इन महीनों की अवधि, सामान्य अवधि से भिन्न होती है. सूर्य की इस अवधि का विश्लेषण, सूर्य के विषुव क्षेत्र में प्रवेश करने से किया जाता है. इस अवधि का आरम्भ 21 मार्च से होता है.
जब सूर्य 21 मार्च को विषुव क्षेत्र में प्रवेश करता है तब उसे मेष राशि का आरम्भ माना जाता है. इसी प्रकार सभी बारह राशियों की गणना की जाती है. अंक गणित के अनुसार सूर्य की बारह राशियों में स्थिति वैदिक ज्योतिष से भिन्न होती है. राशिचक्र की बारह राशियों के आधार पर अंकों का निर्धारण निम्नलिखित प्रकार से होता है:-
भचक्र की पहली राशि मेष है. 21 मार्च से 19 अप्रैल तक की समय अवधि को मेष राशि के अधिकार क्षेत्र में रखा गया है. इस समय अवधि का अंक 9 है. 9 अंक का स्वामी ग्रह मंगल है. 21 मार्च से 19 अप्रैल तक मंगल सकारात्मक प्रभाव लिए होता है. इस समय मंगल की कृपा दृष्टि बनी रहती है.
अंक 9 की दूसरी समय अवधि 21 अक्तूबर से 20 नवम्बर तक होती है. इस समय अवधि को वृश्चिक राशि के अधिकार में रखा गया है. इस राशि का स्वामी ग्रह भी मंगल है. इस समय मंगल का प्रभाव नकारात्मक माना जाता है.
20 अप्रैल से 20 मई तक की समय-अवधि को वृष राशि के अधिकार क्षेत्र में रखा गया है. वृष राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है. इस समय का अंक 6 है. इस समय शुक्र की कृपादृष्टि सकारात्मक प्रभाव वाली होती है.
अंक 6 की दूसरी समय अवधि 21 सितम्बर से 20 नवम्बर तक मानी जाती है. इस समय अवधि को तुला राशि के अधिकार क्षेत्र में रखा गया है. तुला राशि तथा संख्या 6 का स्वामी ग्रह शुक्र है, जिसका प्रभाव नकारात्मक होता है.
21 मई से 20 जून तक की समय अवधि को मिथुन राशि के अधिकार क्षेत्र में रखा गया है. इस समय अवधि का अंक 5 है. मिथुन राशि तथा संख्या 5 का स्वामी ग्रह बुध है. इस अवधि में बुध का असर सकारात्मक तथा शुभ होता है.
अंक 5 की दूसरी समयावधि 21 अगस्त से 20 सितम्बर तक है. इसकी राशि कन्या है. कन्या राशि तथा अंक 5 का स्वामी ग्रह बुध है. इस समय अवधि पर क्रूर बुध की दृष्टि बनी रहती है. इसलिए इस समय को नकारात्मक माना जाता है.
भचक्र पर 21 जून से 20 जुलाई का समय, 2 तथा 7 अंकों के अधिकार क्षेत्र में आता है. इस समय को कर्क राशि के अधिकार क्षेत्र में रखा गया है. इस समय अवधि को दो अंक प्रदान किए गए हैं. इन दोनों अंकों - 2 तथा 7 और कर्क राशि का स्वामी ग्रह चन्द्रमा है. इस समय अवधि में चन्द्रमा का प्रभाव सकारात्मक रहता है.
21 जुलाई से 20 अगस्त तक की समय अवधि को सिंह राशि के अधिकार क्षेत्र में रखा गया है. इस समय अवधि के अन्तर्गत दो अंक, 1 तथा 4 आते हैं. सिंह राशि, 1 तथा 4 अंक का स्वामी ग्रह सूर्य है. इस समय में सूर्य का प्रभाव सकारात्मक रहता है.
21 नवम्बर से 20 दिसम्बर तक की समय अवधि अंक 3 के अधिकार क्षेत्र में आती है. इस समय अवधि तथा अंक 3 की राशि धनु है. इस राशि तथा अंक 3 का स्वामी ग्रह गुरु है. इस समय गुरु का प्रभाव सकारात्मक माना जाता है.
अंक 3 का दूसरा काल 21 फरवरी से 20 मार्च तक का होता है. इस समय की राशि मीन होती है. मीन राशि का स्वामी ग्रह भी गुरु होता है. इस समय गुरु का नकारात्मक प्रभाव रहता है.
21 दिसम्बर से 20 जनवरी तक की समय अवधि अंक 8 के अधिकार में आती है. इस समय की राशि मकर है. इस समय, मकर राशि तथा अंक 8 का स्वामी ग्रह शनि है. इस समय शनि का सकारात्मक प्रभाव रहता है.
अंक 8 का दूसरा समय 21 जनवरी से 20 फरवरी तक रहता है. इस अवधि की राशि कुम्भ मानी गई है. कुम्भ राशि, इस समय अवधि तथा अंक 8 का स्वामी ग्रह शनि है. इस समय शनि का प्रभाव नकारात्मक रहता है.
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